दोस्तों आइये आज हम बज़ट के बारे मे जानकारी लेते है,
कि आखिर बज़ट होता क्या है ?
दोस्तों वैसे तो अक्सर हर साल मार्च के महीने मे बज़ट जारी होता है।
और हम ये भी जानते है की बजट में उन सभी चीजो का लेखा जोखा
रहता है जिनसे हमारी रोजमर्रा की जिन्दगी प्रभावित होती है ! क्या
चीज सस्ती होगी और क्या मँहगी, कौन सा नया टैक्स लगेगा, आयकर में छूट
की सीमा बढ़ाई गई या नहीं आदि महत्वपूर्ण बातों की जानकारी बजट से ही तो
मिलती है।
बजट की परिभाषा:- सामान्यतः किसी वित्तीय वर्ष के दौरान तय संसाधन के खर्च के
लिए एक व्यवस्थित योजना को बजट कहा जाता है। बजट को सरकार के वित्त की एक
विस्तृत योजना कहा जा सकता है और भारत में इसे सर्वाधिक महत्वपूर्ण आर्थिक एवं वित्तीय
घटना माना जाता है।
भारतीय बजट के बारे में कुछ और तथ्यों को जानें -
- भारत में बजट की परम्परा का आरम्भ भारत के प्रथम वायसराय लॉर्ड कैनिंग ने की थी।
- यद्यपि बजट की शुरुआत लॉर्ड कैनिंग ने की, भारत का पहला बजट 18 फरवरी 1860 को जेम्स विल्सन के द्वारा वायसराय परिषद में प्रस्तुत किया गया था। इसी कारण से जेम्स विल्सन को भारतीय बजट का संस्थापक भी कहा जाता है।
- ब्रिटिश शासनकाल में भारत का बजट शाम को पाँच बजे प्रस्तुत किया जाता था क्योंकि भारतीय बजट को सुनने का कौतूहल इंग्लैंड में भी होता था और भारत में शाम के पाँच बजे इंग्लैंड में दोपहर का समय होता था।
- स्वतन्त्रता प्राप्ति के पश्चात भी सन् 1998-1999 तक बजट शाम को पाँच बजे ही प्रस्तुत किया जाता रहा (जिसे कि मानसिक गुलामी माना जा सकता है अन्यथा आजाद हो जाने के बाद शाम को पाँच बजे बजट प्रस्तुत करने का कोई तुक नहीं था)।
- सन् 1999-2000 में यशवंत सिन्हा ने पहली बार शाम के बजाय सुबह के समय बजट प्रस्तुत किया।
- हमारे देश में बजट संविधान के अनुच्छेद 112 के अन्तर्गत प्रस्तुत किया जाता है।
- स्वतन्त्र भारत का पहला अन्तरिम बजट 26 नवंबर 1947 को आर.के षण्मुखम शेट्टी ने प्रस्तुत किया गया था।
- सी.डी. देशमुख एकमात्र रिजर्व बैंक के गव्हर्नर हैं जिन्होंने सन् 1951-52 में अन्तरिम बजट प्रस्तुत किया था।
- आज बजट केवल एक पार्ट में पेश किया जाता है किन्तु पहले बजट के दो पार्ट्स हुआ करते थे जिसमें दूसरा पार्ट जनता से सम्बन्धित होता था।
- मोराजी देसाई 8 वर्ष के सर्वाधिक लम्बे समय के लिए वित्त मन्त्री रहे और उन्होंने संसद में सर्वाधिक 10 बार बजट प्रस्तुत किया है।
- वर्ष 1964 और 1968 में मोरारजी देसाई ने आम बजट अपने जन्म दिन के अवसर पर प्रस्तुत किया था।
- सन् 1991-92 में अन्तरिम तथा फाइनल बजट को अलग अलग दलों के वित्त मन्त्रियों के द्वारा प्रस्तुत किए गए थे। अन्तरिम बजट यशवन्त सिन्हा ने प्रस्तुत किया था और फाइनल बजट मनमोहन सिंह ने।
- संसद में बजट प्रस्तुत करने वाली एकमात्र महिला इन्दिरा गांधी हैं, जिन्होंने 1970 में आपातकाल के दौरान संसद में बजट पेश किया था।
- यद्यपि बजट एक सार्वजनिक करने वाली चीज है किन्तु सार्वजनिक करने के पहले इसे भारत में बेहद गुप्त रखा जाता है।
- पहले बजट पेपर्स राष्ट्रपति भवन में ही छपा करते थे। सन् 1950 में बजट पेपर लीक हो गए जिसके कारण बाद में बजट पेपर्स को मिंटो रोड स्थित सीक्युरिटी प्रेस में छापा जाने लगा।
- वर्ष 1980 से बजट पेपर्स की छपाई नार्थ ब्लॉक में होने लगी।
- बजट प्रस्तुत होने के एक सप्ताह पहले से बजट प्रस्तुत होने तक प्रेस के कर्मचारियों को मन्त्रालय में ही रहना पड़ता है जिस दौरान में उन्हें किसी से भी किसी प्रकार का सम्पर्क करने का कोई अधिकार नहीं होता।
स्वतन्त्रता प्राप्ति पश्चात भारत के वित्त मन्त्रियों की सूचीः
- लियाकत अली खान 1946-1947 (अन्तरिम सरकार)
- जॉन मथाई 1948-1949
- आर.के. षण्मुखम शेट्टी 1949-1951
- चिन्तमनराव देशमुख 1951-1957
- टी.टी. कृष्णामाचारी 1957-1958
- जवाहर लाल नेहरू 1958-1959
- मोरार जी देसाई 1959-1964
- टी.टी. कृष्णामाचारी 1964-1967
- मोरार जी देसाई 1967-1970
- इन्दिरा गांधी 1970-1971
- यशवन्तराव चौहान 1971-1975
- सी. सुब्रमणियम 1975-1977
- मोरार जी देसाई 1977-1979
- चौधरी चरण सिंह 1979-1980
- रामास्वामी वेंकटरामन 1980-1982
- प्रनब मुखर्जी 1982-1985
- व्ही.पी. सिंह 1985-1987
- एस.बी. चव्हान 1987-1990
- मधु दण्डवते 1990-1991
- मनमोहन सिंह 1991-1996
- पी. चिदम्बरम 1996-1998
- यशवन्त सिन्हा 1998-2002
- जसवन्त सिंह 2002-2004
- पी. चिदम्बरम मई 2004 – नवम्बर 2008
- मनमोहन सिंह दिसम्बर 2008 – जनवरी 2009
- प्रनब मुखर्जी फरवरी 2009 – अब तक
- वर्ष 2012-13 के आम बजट के मुख्य बिंदुएं : -
देश को महंगाई से जूझना पड़ा।
- आर्थिक विकास में भारत अन्य के मुकाबले आगे।
- ऊंची ब्याज दर का असर पड़ा है।
- कच्चे तेल की कीमतें जापान में भूकंप की वजह सेबढ़ी। - कठोर फैसले लेने का वक्त। - प्रणब ने दिए कड़े बजट के संकेत। - आर्थिक सुधारों में गति के लिए कठोर फैसले जरुरी। - इस साल का प्रदर्शन निराशाजनक। - निवेश बढ़ाना, घरेलू मांग बढ़ाना जरूरी।- पांच चुनौतियों पर ध्यान दिया है।- निजी निवेश, कृषि, ऊर्जा, परिवहन पर जोर।- निजी निवेश में कमी आई है।- मनमोहन का मार्गदर्शन और सोनिया का समर्थन मिला।- कर्ज महंगा होने से जीडीपी पर असर पड़ा।- पिछले साल कर्ज महंगा हुआ, महंगाई भी बढ़ी।- अंतरराष्ट्रीय व्यापार अच्छा रहा है।- कृषि सेवा क्षेत्र का प्रदर्शन अच्छा रहा है।- महंगाई रोकने में कामयाबी मिली।- निर्यात 22 फीसदी बढ़ाने पर जोर।- आने वाले दिनों में महंगाई कम होगी।- सब्सिडी से घाटा बढ़ा है।- 2012- 13 में जीडीपी 7.6 फीसदी का अनुमान- यूरोप संकट का भारत पर भी असर पड़ा।- अर्थव्यवस्था फिर से पटरी पर लौट रही है।- काले धन की समस्या पर ध्यान देने की जरूरत।- अगले तीन साल में घाटा कम करने की कोशिश।- तेल सब्सिडी में कटौती के संकेत- सब्सिडी का लाभ सीधे ग्राहकों को मिले।- सब्सिडी से सरकारी घाटा बढ़ा है।- सब्सिडी का जीडीपी 2 फीसदी से नीचे रखा जाए।- 30 हजार करोड़ विनिवेश का लक्ष्य।- जीएसटी अगस्त 2012 से लागू होगा।- शेयर बाजार में 50 हजार के निवेश पर 25 हजार की टैक्स छूट मिलेगी।- पेंशन बिल, बैंकिंग बिल इसी सत्र में पेश होंगे।- राजीव गांधी इक्विटी में निवेश पर 50 फीसदी छूट- किराना कारोबार में 51 फीसदी विदेशी निवेश का लक्ष्य।- 50 जिलों में केरोसिन पर सीधे सब्सिडी।- 60 हजार करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड जारी होंगे।- छोटे निवेशकों के लिए राजीव गांधी इक्विटी स्कीम।- राजीव गांधी इक्विटी योजना में 3 साल तक निवेश जरूरी होगी।- डीटीसी से टैक्स का बोझ कम होगा।- खाद्य सुरक्षा कानून के लिए पैसा जुटाएंगे।- 8800 किलोमीटर हाईवे बनेंगे।- टैक्स फ्री होंगे इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड।- हवाई ईंधन सीधे विदेश से खरीदा जाएगा।- सस्ते घरों के लिए ब्याज में 1 फीसदी छूट बरकरार।- सस्ते मकान के लिए विदेशी कर्ज को मंजूरी।- बिल्डर अब विदेश से कर्ज ले सकते हैं।- मध्यम लघु उद्योग के लिए 5 हजार करोड़ का फंड।- कृषि का बजट 18 फीसदी बढ़ा।- कृषि का बजट 20,208 करो़ड़।- विदर्भ में सिंचाई के लिए 300 करोड़।- नेशनल फूड सिक्योरिटी मिशन का प्रस्ताव।- कृषि कर्ज 1 लाख करोड़ बढ़ा।- 5 लाख 75 हजार करोड़ कृषि कर्ज दियाजाएगा।- होम लोन पर एक फीसदी ब्याज की छूट जारी रहेगी।- किसानों को समय पर कर्ज लौटने पर 3 फीसदी अधिक की छूट।- एटीएम में भी चलेंगे किसान कार्ड।- किसान क्रेडिट कार्ड को स्मार्ट कार्ड में बदलने का लक्ष्य।- राज्य सरकारों के साथ राष्ट्रीय खाद्य प्रसंस्करण मिशन।- अनाज रखने के लिए नए गोदाम बनाए जाएंगे।- पीडीएस नेटवर्क इसी साल कंप्यूटर से जुड़ेगा।- एससी- एसटी विकास योजनाओं में 18 फीसदी इजाफे का प्रस्ताव।- नई सार्वजनिक वितरण प्रणाली बनेगी।- गांवों में पेयजल योजना में 27 फीसदी की बढ़ोतरी।- 24 हजार करोड़ गांव में सड़क बनाने के लिए।- छात्रों को लोने के लिए क्रेडिट गारंटी फंड।- ब्लॉक स्तर पर 60 हजार स्कूल।- 11937 करोड़ मिड डे मिल के लिए।- NRHM में 20822 करोड़ रुपए खर्च होंगे।- मनरेगा का बजट 34 फीसदी बढाने का प्रस्ताव।- शिक्षा अभियान के लिए 25,500 हजार करोड़ अतिरिक्त।- 7 मेडिकल कॉलेज एम्स की तर्ज पर विकसित होंगे।- एजुकेशन लोन के लिए अलग फंड होगा।- इंदिरा गांधी पेशन योजना 200 से बढ़ाकर 300 रुपये।- इरमा को 25 करोड़ का फंड।- रक्षा सेवाओं के लिए 1,93,407 करोड़ का बजट।- अर्धसैनिक बलों के लिए 4 हजार मकान।- काले धन पर श्वेत पत्र आएगा।- इसी सत्र में काले धन पर श्वेत पत्र।- काला धन वापस लाने के लिए 82 देशों से समझौते।- आधार कार्ड बनाने का काम जारी रहेगा।- 7 लाख 71 हजार करोड़ टैक्स से जुटाए गए।- अनुमान से 15 फीसदी ज्यादा टैक्स वसूला गया।- डायरेक्ट टैक्स की वसूली लक्ष्य से कम।- सरकार का घाटा लक्ष्य से 1.25 फीसदी ज्यादा।- इनकम टैक्स, कॉरपोरेट टैक्स में 32 हजार करोड़ कम आया।- सरकार का घाटा 1,85,752 करोड़।- आयकर छूट की सीमा दो लाख रुपये हुई। 2 लाख की आय पर कोई टैक्स नहीं।- 2 से 5 लाख आमदनी पर 10 फीसदी टैक्स। - 5 से 10 लाख आय पर 20 फीसदी टैक्स ।- 10 लाख से ऊपर की आय पर 30 फीसदी टैक्स। - कॉरपोरट टैक्स में बदलाव नहीं।- वरिष्ठ नागरिकों को एडवांस टैक्स फाइल करने से छूट।- कुछ सेवाओं को छोड़कर सभी सेवाओं पर सर्विस टैक्स। - सर्विस टैक्स में 2 फीसदी की बढ़ोतरी।–सर्विस टैक्स, इक्साइज ड्यूटी में 2 फीसदी की बढ़ोतरी। - सर्विस टैक्स 10 से बढ़कर 12 फीसदी हुआ।महंगा- बड़ी कारें दो फीसदी महंगी हुई। - रेस्टोरेंट में खाना महंगा हुआ। - फोन बिल महंगा हुआ। - हवाई सफर भी महंगा हुआ। - टीवी, फ्रिज महंगा हुआ। - विदेशी साइकिल महंगी, - सीमेंट महंगा हुआ। - विदेशी गाड़ियां और महंगी हुई। सोना,डायमंड, और प्लेटिनम महंगा होगा। - । -सिगरेट, बीड़ी महंगी हुई। - पान मसाला, गुटखा महंगा होगा। - एचआईवी और कैंसर की दवा सस्ती। - सजना संवरना और होटल में रुकना महंगा हुआसस्ता- एलसीडी,एलईडी सस्ते होंगे।माचिस सस्ती। - नमक सोया उत्पाद सस्ता हुआ। - एलईडी लैंप, सौर ऊर्जा सस्ते हुए। कर सुधार - टीटीसी कोड इसी साल अगस्त से लागू होगा। - शेयरों में निवेश पर मिलेगी छूट। - राजीव गांधी इक्विटी सेविंग स्कीम का शुभारंभ। - कर मुक्त बुनियादी बांड 600 अरब रुपये के मुद्दों से 13 वित्तीय वर्ष - रुपये 100 बिलियन एनएचएआई कर मुक्त बांड। - 100 अरब रुवर्ष 2012-13 के आम बजट के मुख्य बिंदुएं : - देश को महंगाई से जूझना पड़ा। - आर्थिक विकास में भारत अन्य के मुकाबले आगे। - ऊंची ब्याज दर का असर पड़ा है। - कच्चे तेल की कीमतें जापान में भूकंप की वजह से बढ़ी। - कठोर फैसले लेने का वक्त। - प्रणब ने दिए कड़े बजट के संकेत। - आर्थिक सुधारों में गति के लिए कठोर फैसले जरुरी। - इस साल का प्रदर्शन निराशाजनक। - निवेश बढ़ाना, घरेलू मांग बढ़ाना जरूरी। - पांच चुनौतियों पर ध्यान दिया है। - निजी निवेश, कृषि, ऊर्जा, परिवहन पर जोर। - निजी निवेश में कमी आई है। - मनमोहन का मार्गदर्शन और सोनिया का समर्थन मिला। - कर्ज महंगा होने से जीडीपी पर असर पड़ा। - पिछले साल कर्ज महंगा हुआ, महंगाई भी बढ़ी। - अंतरराष्ट्रीय व्यापार अच्छा रहा है। - कृषि सेवा क्षेत्र का प्रदर्शन अच्छा रहा है। - महंगाई रोकने में कामयाबी मिली। - निर्यात 22 फीसदी बढ़ाने पर जोर। - आने वाले दिनों में महंगाई कम होगी। - सब्सिडी से घाटा बढ़ा है। - 2012- 13 में जीडीपी 7.6 फीसदी का अनुमान - यूरोप संकट का भारत पर भी असर पड़ा। - अर्थव्यवस्था फिर से पटरी पर लौट रही है। - काले धन की समस्या पर ध्यान देने की जरूरत। - अगले तीन साल में घाटा कम करने की कोशिश। - तेल सब्सिडी में कटौती के संकेत - सब्सिडी का लाभ सीधे ग्राहकों को मिले। - सब्सिडी से सरकारी घाटा बढ़ा है। - सब्सिडी का जीडीपी 2 फीसदी से नीचे रखा जाए। - 30 हजार करोड़ विनिवेश का लक्ष्य। - जीएसटी अगस्त 2012 से लागू होगा। - शेयर बाजार में 50 हजार के निवेश पर 25 हजार की टैक्स छूट मिलेगी। - पेंशन बिल, बैंकिंग बिल इसी सत्र में पेश होंगे। - राजीव गांधी इक्विटी में निवेश पर 50 फीसदी छूट - किराना कारोबार में 51 फीसदी विदेशी निवेश का लक्ष्य। - 50 जिलों में केरोसिन पर सीधे सब्सिडी। - 60 हजार करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड जारी होंगे। - छोटे निवेशकों के लिए राजीव गांधी इक्विटी स्कीम। - राजीव गांधी इक्विटी योजना में 3 साल तक निवेश जरूरी होगी। - डीटीसी से टैक्स का बोझ कम होगा। - खाद्य सुरक्षा कानून के लिए पैसा जुटाएंगे। - 8800 किलोमीटर हाईवे बनेंगे। - टैक्स फ्री होंगे इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड। - हवाई ईंधन सीधे विदेश से खरीदा जाएगा। - सस्ते घरों के लिए ब्याज में 1 फीसदी छूट बरकरार। - सस्ते मकान के लिए विदेशी कर्ज को मंजूरी। - बिल्डर अब विदेश से कर्ज ले सकते हैं। - मध्यम लघु उद्योग के लिए 5 हजार करोड़ का फंड। - कृषि का बजट 18 फीसदी बढ़ा। - कृषि का बजट 20,208 करो़ड़। - विदर्भ में सिंचाई के लिए 300 करोड़। - नेशनल फूड सिक्योरिटी मिशन का प्रस्ताव। - कृषि कर्ज 1 लाख करोड़ बढ़ा। - 5 लाख 75 हजार करोड़ कृषि कर्ज दियाजाएगा। - होम लोन पर एक फीसदी ब्याज की छूट जारी रहेगी। - किसानों को समय पर कर्ज लौटने पर 3 फीसदी अधिक की छूट। - एटीएम में भी चलेंगे किसान कार्ड। - किसान क्रेडिट कार्ड को स्मार्ट कार्ड में बदलने का लक्ष्य। - राज्य सरकारों के साथ राष्ट्रीय खाद्य प्रसंस्करण मिशन। - अनाज रखने के लिए नए गोदाम बनाए जाएंगे। - पीडीएस नेटवर्क इसी साल कंप्यूटर से जुड़ेगा। - एससी- एसटी विकास योजनाओं में 18 फीसदी इजाफे का प्रस्ताव। - नई सार्वजनिक वितरण प्रणाली बनेगी। - गांवों में पेयजल योजना में 27 फीसदी की बढ़ोतरी। - 24 हजार करोड़ गांव में सड़क बनाने के लिए। - छात्रों को लोने के लिए क्रेडिट गारंटी फंड। - ब्लॉक स्तर पर 60 हजार स्कूल। - 11937 करोड़ मिड डे मिल के लिए। - NRHM में 20822 करोड़ रुपए खर्च होंगे। - मनरेगा का बजट 34 फीसदी बढाने का प्रस्ताव। - शिक्षा अभियान के लिए 25,500 हजार करोड़ अतिरिक्त। - 7 मेडिकल कॉलेज एम्स की तर्ज पर विकसित होंगे। - एजुकेशन लोन के लिए अलग फंड होगा। - इंदिरा गांधी पेशन योजना 200 से बढ़ाकर 300 रुपये। - इरमा को 25 करोड़ का फंड। - रक्षा सेवाओं के लिए 1,93,407 करोड़ का बजट। - अर्धसैनिक बलों के लिए 4 हजार मकान। - काले धन पर श्वेत पत्र आएगा। - इसी सत्र में काले धन पर श्वेत पत्र। - काला धन वापस लाने के लिए 82 देशों से समझौते। - आधार कार्ड बनाने का काम जारी रहेगा। - 7 लाख 71 हजार करोड़ टैक्स से जुटाए गए। - अनुमान से 15 फीसदी ज्यादा टैक्स वसूला गया। - डायरेक्ट टैक्स की वसूली लक्ष्य से कम। - सरकार का घाटा लक्ष्य से 1.25 फीसदी ज्यादा। - इनकम टैक्स, कॉरपोरेट टैक्स में 32 हजार करोड़ कम आया। - सरकार का घाटा 1,85,752 करोड़। - आयकर छूट की सीमा दो लाख रुपये हुई। 2 लाख की आय पर कोई टैक्स नहीं। - 2 से 5 लाख आमदनी पर 10 फीसदी टैक्स। - 5 से 10 लाख आय पर 20 फीसदी टैक्स । - 10 लाख से ऊपर की आय पर 30 फीसदी टैक्स। - कॉरपोरट टैक्स में बदलाव नहीं। - वरिष्ठ नागरिकों को एडवांस टैक्स फाइल करने से छूट। - कुछ सेवाओं को छोड़कर सभी सेवाओं पर सर्विस टैक्स। - सर्विस टैक्स में 2 फीसदी की बढ़ोतरी। –सर्विस टैक्स, इक्साइज ड्यूटी में 2 फीसदी की बढ़ोतरी। - सर्विस टैक्स 10 से बढ़कर 12 फीसदी हुआ। - बड़ी कारें दो फीसदी महंगी हुई। - रेस्टोरेंट में खाना महंगा हुआ। - फोन बिल महंगा हुआ। - हवाई सफर भी महंगा हुआ। - टीवी, फ्रिज महंगा हुआ। - एलसीडी,एलईडी सस्ते होंगे। - विदेशी साइकिल महंगी, माचिस सस्ती। - नमक सोया उत्पाद सस्ता हुआ। - एलईडी लैंप, सौर ऊर्जा सस्ते हुए। - सोना,डायमंड, और प्लेटिनम महंगा होगा। - सिगरेट, बीड़ी महंगी हुई। - पान मसाला, गुटखा महंगा होगा। - एचआईवी और कैंसर की दवा सस्ती। - सीमेंट महंगा हुआ। - विदेशी गाड़ियां और महंगी हुई। - सजना संवरना और होटल में रुकना महंगा हुआ। कर सुधार - टीटीसी कोड इसी साल अगस्त से लागू होगा। - शेयरों में निवेश पर मिलेगी छूट। - राजीव गांधी इक्विटी सेविंग स्कीम का शुभारंभ। - कर मुक्त बुनियादी बांड 600 अरब रुपये के मुद्दों से 13 वित्तीय वर्ष - रुपये 100 बिलियन एनएचएआई कर मुक्त बांड। - 100 अरब रुपये का बिजली क्षेत्र में कर मुक्त बांड। - कम लागत के घरों पर ब्याज छूट एक वर्ष से बढ़ाया खाद्य और कृषि - कृषि क्षेत्र के विकास पर जोर - कृषि का बजट 18 फीसदी बढ़ा। - कृषि का बजट 20,208 करो़ड़। - विदर्भ में सिंचाई के लिए 300 करोड़। - नेशनल फूड सिक्योरिटी मिशन का प्रस्ताव। - कृषि कर्ज 1 लाख करोड़ बढ़ा। - 5 लाख 75 हजार करोड़ कृषि कर्ज दिया जाएगा। - किसानों को समय पर कर्ज लौटने पर 3 फीसदी अधिक की छूट। - एटीएम में भी चलेंगे किसान कार्ड। - किसान क्रेडिट कार्ड को स्मार्ट कार्ड में बदलने का लक्ष्य। - नाबार्ड ग्रामीण बैंकों को 100 बिलियन डॉलर का ऋण देगा। - नाबार्ड एक्ट एमेंडमेंट बिल को ला - कम लागत के घरों पर ब्याज छूट एक वर्ष से बढ़ाया खाद्य और कृषि - कृषि क्षेत्र के विकास पर जोर - कृषि का बजट 18 फीसदी बढ़ा। - कृषि का बजट 20,208 करो़ड़। - विदर्भ में सिंचाई के लिए 300 करोड़। - नेशनल फूड सिक्योरिटी मिशन का प्रस्ताव। - कृषि कर्ज 1 लाख करोड़ बढ़ा। - 5 लाख 75 हजार करोड़ कृषि कर्ज दिया जाएगा। - किसानों को समय पर कर्ज लौटने पर 3 फीसदी अधिक की छूट। - एटीएम में भी चलेंगे किसान कार्ड। - किसान क्रेडिट कार्ड को स्मार्ट कार्ड में बदलने का लक्ष्य। - नाबार्ड ग्रामीण बैंकों को 100 बिलियन डॉलर का ऋण देगा। - नाबार्ड एक्ट एमेंडमेंट बिल को लाया जाएगा।
2 टिप्पणियां:
सर बहुत बढ़िया प्रस्तुति दी हैं ! इससे प्रतियोगी परीक्षाओ की तैयारी करने वाले प्रतियोगियों को फायदा होगा,और आशा करते है की आगे भी आप ऐसी ही रोचक जानकारी देते रहोगे ...धन्यवाद !
सर बहुत बढ़िया प्रस्तुति दी हैं ! इससे प्रतियोगी परीक्षाओ की तैयारी करने वाले प्रतियोगियों को फायदा होगा,और आशा करते है की आगे भी आप ऐसी ही रोचक जानकारी देते रहोगे ...धन्यवाद !
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